टाॅर ब्राउजर क्या है और कैसे काम करता है?

 टाॅर ब्राउज़र का लोगो

आप ऑनलाइन गोपनीयता(privacy) और गुमनामी(anonymity) में रुचि रखते हैं या फिर कभी सोचा हो कि ऑनलाइन सर्च करते हुए अपनी पहचान को किस तरह से छुपाया जाए। तो आपने टाॅर ब्राउजर क्या है? इस के बारे में सुना होगा।

कई लोगों के लिए, टॉर इंटरनेट पर स्वतंत्रता का आधार है। लेकिन टाॅर क्या है? यह कैसे काम करता है और आप इसका उपयोग क्यों करेंगे? टाॅर ब्राउजर और वीपीएन के बीच मुख्य अंतर क्या हैं? इस लेख में इसके बारे में सब पढ़ें!

टाॅर सॉफ्टवेयर है और सर्वर का एक वैश्विक(global) नेटवर्क है

जो लोगों की ऑनलाइन गतिविधियों को गोपनीयता और सुरक्षा की एक परत प्रदान करने के लिए मौजूद है।

यह ऑनलाइन गतिविधियों को मॉनिटर करना और उनके स्रोत को वापस ट्रेस करना अधिक कठिन बना देता है। आसान भाषा में कहें तो यह आपकी पहचान जाहिर नहीं होने देता है।

यह पूरी तरह प्री(Free) सॉफ्टवेयर है।

शुरू में इसे The Onion Router नाम से जाना जाता था।

आज भी अगर आप देखे तो इस का सिंबल प्याज (Onion)है

जो यह बताता है कि जिस तरह प्याज में परत के बाद परत होता है

इस में भी सुरक्षा के लिए एक से अधिक परतें होती है, जो आपकी गोपनीयता(privacy) और गुमनामी(anonymity)को बनाए रखती हैं।

सरल भाषा में कहें तो यह आपकी पहचान छुपाये रखता है।

टॉर ब्राउजर का इतिहास

मूल रूप से नेटवर्क को अमेरिकी नौसेना की मदद से विकसित किया गया था।

नेटवर्क को अमेरिकी नौसेना और अन्य सैन्य संगठनों को गुमनाम ऑनलाइन संचार करने में सक्षम बनाने के लिए विकसित किया गया था।

टॉर का अल्फा संस्करण, जिसे सीवरसन और कंप्यूटर वैज्ञानिक रोजर डिंगलडाइन और निक मैथ्यूसन द्वारा विकसित किया गया था।

जिसे ऑनियन राउटिंग प्रोजेक्ट, या टोर प्रोजेक्ट कहा गया, जिसे 20 सितंबर 2002 को लॉन्च किया गया।

पहली सार्वजनिक रिलीज़ एक साल बाद 13 अगस्त 2004 को हुई। यह एक विशेष प्रकार का नेटवर्क है,

टॉर पर चीजों को एक्सेस करने के लिए विशेष एप्लिकेशन के उपयोग की आवश्यकता होती है।

विंडोज, मैक और लिनक्स उपयोगकर्ता अक्सर आधिकारिक (और मुफ्त) टॉर ब्राउज़र का उपयोग करते हैं, जो फ़ायरफ़ॉक्स ब्राउजर(Firefox browser) पर आधारित है।

टाॅर कैसे काम करता है?

टाॅर कैसे काम करता है,यह जानने के पहले यह जानना जरूरी है कि कलाइन्ट(client) और सर्वर(Server) क्या है?

आप और हम जिस कम्प्यूटर से रीक्वेस्ट भेजते है वह कलाइन्ट होता है जिस कम्प्यूटर को भेजते है वह सर्वर होता है।

यहाॅ Tor node ही server है।

जब भी हम किसी प्रकार के रीक्वेस्ट को Tor के जरीये भेजते हैंतो वह एक टॉर सर्किट( Tor circuit) के जरीये रीक्वेस्ट को ट्रन्समिट करता है।

वह सबसे पहले रीक्वेस्ट को इनक्रिप्ट करता है

फिर वह तीन रेनडम चुने हुए Node (Server/Relay) के जरीये Tor circuit बनाकर रीक्वेस्ट डिसटीनेसन तक पहुँचाता है।

जब भी Node के पास रीक्वेस्ट जाती है तो वह सिर्फ यह जान पाता है कि रीक्वेस्ट किस Node से आया है और किस Node के पास भेजना है।

जब रीक्वेस्ट अंतिम Node से बाहर आता है तो डिक्रिप्ट होकर डिसटीनेसन तक पहुँचता है।

ऊपर के चित्र में यही बताया गया है।

आसान भाषा में

आसान भाषा में समझा जाए तो टाॅर उस कूरियर सर्विस की तरह है जो किसी गिफ्ट फैकट की डिलिवरी करती है और डिलिवरी के पहले गिफ्ट फैकट में कवर की तीन परत चढ़ाती है।

जिस पर उस को देने वाले और पाने वाले का पता लिखा हुआ है ।

हर कवर में अलग पता लिखा हुआ है कूरियर सर्विस का डिलिवरी बाॅय पहले कवर पर लिखे पते पर मौजूद व्यक्ति को गिफ्ट फैकट देता है,

लेकिन देने के पहले डिलिवरी बाॅय कवर को फाड देता है पर अगले कवर पर क्या लिखा है वह नहीं देखता है,या देख नहीं पाता।

फिर वह व्यक्ति दूसरे कवर को फाड कर उस पर लिखे पते पर किसी और दूसरे व्यक्ति डिलिवरी करता है

पहला व्यक्ति डिलिवरी देने के समय अगले कवर पर क्या पता लिखा नहीं देखता है।

दूसरा व्यक्ति तीसरे और अंतिम कवर पर लिखे पते पर गिफ्ट फैकट डिलिवरी करता है।

इस तरह केवल अंतिम व्यक्ति जान पाता है कि असल में गिफ्ट फैकट उसे कहाँ पहुचाना है।

लेकिन यह नहीं जान पाता कि असल में कहाँ से आया है।

यहाँ डिलिवरी बाॅय और दोनो व्यक्ति कूरियर सर्विस के आदमी हैं, यानी टाॅर के तीन नोड।

यहाँ टाॅर ब्राउजर और कूरियर सर्विस में यह अंतर है कि पता पहले से लिखा नहीं होता है। नया पता टाॅर नोड के द्वारा जोड़ा जाता है।

Tor circuit

ऊपर के चित्र में लाल घेरे से बताया गया है कि Tor किस तरह Tor circuit का उपयोग करता है।

आप भी नई Tor circuit क्रिऐट कर सकते है

आप को URL बार में हरे ताले के बाये आई(i) निशान जो कि एक र्सकिल से घिरा हुआ है, को क्लिक करना है तब popup खुलेगा,

आपको New Tor circuit for this site पर क्लिक करना पड़ेगा।

अब सवाल उठता है कि टाॅर और वीपीएन में अन्तर क्या है?

टाॅर और वीपीएन (VPN)दोनों इंटरनेट का उपयोग करते समय उपयोगकर्ता की गोपनीयता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।

टाॅर आपके इंटरनेट कनेक्शन को इनक्रिप्ट करता है और तीन रेन्डमली चुने Tor Node( Tor Server)के माध्यम से इसे रूट करता है।

एक वीपीएन आपके कनेक्शन को इनक्रिप्ट करता है और उपयोगकर्ता के वीपीएन प्रोबाडर(VPN Provider) के वीपीएन र्सवर के माध्यम से इसे रूट करता है।

यही दोनों में मुख्य अंतर है।

क्या टाॅर ब्राउजर लिगल है?

टाॅर ब्राउजर पूरी तरह लिगल है लेकिन हो सकता है कि सरकारी ऐजेनसियों कि नजर आप पर जा सकती है वह जानना चाहगे कि आप क्या काम कर रहे है?

टाॅर ब्राउजर को कहां से डाउनलोड करें

आप इस लिंक https://www.torproject.org/download/ से Tor browser को डाउनलोड कर सकते हैं,

Android phones के लिए इस लिंक और Google play store से आप Tor browser app को डाउनलोड कर सकते हैं।

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