बिटक्वाइन क्या हैऔर कैसे बनते हैं?

आप में से कई लोगों ने सुना या पढ़ा होगा कि बिटक्वाइन को पाने के लिए बिलगेट्स, एलोन मस्क, जेफ बेजोस आदि के ट्विटर अकाउन्ट को हैक कर किया गया। और आप ने जानने कि कोशिश की होगी कि बिटक्वाइन क्या है ।

आज मैं आपको बताने जा रहा हूँ कि बिटक्वाइन क्या है।

बिटक्वाइन

बिटक्वाइन एक आभासी मुद्रा(Virtual Currency) या डिजिटल करेंसी(Digital Currency) है ।

इसे क्रिप्टोकोर्रेंसी (cryptocurrency)भी कहते है,

इसकी की तरह अन्य आभासी मुद्रा भी हैं जैसे मुनरो(Monero), डैस(Dash), रिप्पल(Ripple), इथेरियम(Ethereum)।

रूपया,डाॅलर और पाउन्ड पिजिकल करेंसी(Physical Currency) है जिसे आप हम देख और छू सकते हैं।

लेकिन आभासी मुद्रा(Virtual Currency) या डिजिटल करेंसी(Digital Currency) को आप हम देख और छू नहीं सकते है,

इसे छापा भी नहीं जा सकता।

यह पूरी तरह से डीसेन्टरलाइज्ड(Decentralized) मुद्रा है,

इसका मतलब है कि कोई भी बिटक्वान के खाते को अपडेट कर सकते है।

इसके लिए बैंक या किसी सरकार की जरूरत नहीं होती है। यह इन्टनेट में मिलने वाली मुद्रा है जिसका प्रयोग ऑनलाइन किया जाता है।

एक्सपीडिया, माइक्रोसॉफ्ट, केएफसी(KFC), सबवे(Subway) जैसे कुछ बडी कंपनिया इसमें में लेन देन करती है।

विकीपीडिया और विकीमिडिया दान के तौर पर बिटक्वाइन को स्वीकार करती है।

इसे 2008 में इनवेन्ट किया गया था और 2009 में लांच किया गया ,

इसका इनवेन्ट सातोशी नकामोतो (Satoshi Nakamoto) किया है।

सातोशी नकामोतो (Satoshi Nakamoto) का यह छद्म (Pseudo)नाम है।

बिटक्वाइन कैसे काम करता है?(How Bitcoin Works?)

बिटक्वान ऑनलाइन करेंसी है और पूरी तरह से डीसेन्टरलाइज्ड है।

सभी बिटक्वाइन ट्रांजैक्शन को एक आभासी खाता(Virtual Ledger) में रिकार्ड किया जाता है जिसे ब्लाकचेन कहते है जो कि सभी के देखने के लिए उपलब्ध होता है।

यह सवाल उठता है कि आभासी खाता को ब्लाकचेन क्यों कहा जाता है , ब्लाकचेन को कैसे अपडेट करते है? उस प्रोसेस को क्या कहते है?

ब्लाकचेन क्या है?(What is Blockchain?)

यह डीसेन्टरलाइज्ड(Decentralize) मुद्रा है और कोई भी इसके खाते को अपडेट कर सकता है ,

इस हालात में एक ऐसी सिस्टम कि जरूरत है जो इस कार्य का करे सके और साथ ही सुरक्षा(security) और पारदर्शिता(transparency) को सुनिश्चित कर सके ।

ब्लाकचेन एक टेक्नोलोजी है जिसमें खाता को सभी के साथ शेयर किया जाता है उस खाते में बहुत सारे पेज होते है।

हर पेज में उसके पहले के पेज के बारे में जानकारी होती है।

अगर आप पहले के पेज में कुछ परिवर्तन करते है तो बाद के पेज में भी परिवर्तन करना पड़ेगा।

इस तरह हर पेज एक-दूसरे से जुड़ा है या लिंक्ड(linked) है।

टेकनोलोजी की भाषा में पेज को ब्लाक कहते है और क्योकि ये लिंक्ड(linked) हैं, इसलिए ब्लाकचेन कहा जाता है

बिटमाइनिंग क्या है?(What is Bit-mining?)

ब्लाकचेन को अपडेट करने के प्रोसेस को बिटमाइनिंग कहते है इस प्रोसेस के परिणामस्वरूप नए बिटक्वाइन क्रिऐट(create) हाते है

जो कोई भी खाते को अपडेट करना चाहता है उसे एक गणीय पहेली (Mathematical Puzzle)हल करनी पड़ती है, जिसका कम्प्यूटर जितना शक्तिशाली होगा उतनी जल्दी वह पेहली हल कर सकता है,

आपको दूसरो से पहले पहेली का हल करना पड़ता है।

इसलिए आपको बहुत शक्तिशाली कम्प्यूटर की जरूरत होगी।

अगर आप सबसे पहले पहेली का हल कर लेते है तो आप अगले पेज पर बिटक्वाइन्स(Bitcoins) ट्रांजैक्शन को लिखते हैं।

और आपको पुरस्कार के स्वरूप बिटक्वाइन मिलते हैं ।

इस तरह नये बिटक्वाइन क्रिऐट (create) होते है औसतन, हर 10 मिनट में एक बिटक्वाइन क्रिऐट(create) किया जाता है।

वर्तमान में, वर्तमान पुरस्कार के स्वरूप में 12.5 बिटक्वाइन मिलते हैं

यह पहले से निश्चित है कि बिटक्वाइन की कुल संख्या 21 मिलियन ही होगी, वर्तमान में, यह कुल 18 मिलियन के आसपास है।

यह एक बहुत बड़ी मात्रा है और 21 मिलियन के बहुत करीब है। इसका मतलब है कि पहले ही कुल आपूर्ति का 85% से अधिक क्रिऐट (create) कर लिया गया है।

लेकिन चूंकि इनाम समय के साथ कम हो जाता है, इसलिए, शेष 20% अगले 120 वर्षों में क्रिऐट होंगे , जबकि, शुरुआती 80% केवल 12 वर्षों में क्रिऐट किया गया था।

माइनिंग या बिटक्वाइन क्रिएशन (creation) का काम वही लोग करते हैं जो जिनके पास के पास उच्च क्षमता वाले विशेष कंप्यूटर होते हैं,

ऐसा नहीं होने पर बिटक्वाइन क्रिएशन का काम केवल इलेक्ट्रिसिटी ही खर्च करना और अपना समय बर्बाद करना।

बिटक्वाइन कैसे मिलेगे?(How to get Bitcoin?)

बिटक्वाइन पाने के चार तरीखे हैं।

1.आप बिटमाइनिक कर खुद पुरस्कार स्वरूप बिटक्वाइन प्राप्त करें।

2.किसी से बिटक्वाइन खरीदें जिसके पास पहले से बिटक्वाइन हों।

3.बिटक्वाइन ऐक्सचेन्ज से आप रूपये के बदले बिटक्वाइन ले लें।

4.कोई आपको आपकी किसी सर्विस के बदले बिटक्वाइन दे दें।

बिटक्वाइन की क्या कीमत है?(What is the price of Bitcoin?)

आज की तारीख में 1 बिटक्वाइन 6,86,305.85 भारतीय रूपये के बराबर है,

इसकी की सबसे छोटी इकाई सातोशी है और 1 सातोशी 0.0096377 भारतीय रूपये के बराबर है।

Google से आप इसके के वर्तमान मूल्य के बारे जान सकते हैं।

लोग बिटक्वाइन क्यों चाहते हैं?(Why people want Bitcoin?)

बिक्वाइन एक डिजिटल करेंसी है इस लिए आपको बैंक की जरूरत नहीं है और न किसी प्रकार के कार्ड की ।

इससे पेमेंट करने पर आपको बहुत कम सर्विस चार्ज देना पड़ता है या देना ही नहीं पड़ता है।

क्रिप्टोकोर्रेंसी (cryptocurrency) का लेन-देन पूरी तरह से गोपनीय होता है किसने बिटक्वाइन लिया यह केवल लेने और किसने दिया यह केवल देन को पता होता है।

क्रिप्टो करेंसी के कई फ़ायदे हैं।

पहला और सबसे बड़ा फ़ायदा तो ये है कि डिजिटल करेंसी होने के कारण धोखाधड़ी की गुंजाइश नहीं के बराबर है।

वर्चुअल करेंसी(Virtual Currency)में रिटर्न यानी मुनाफ़ा काफ़ी अधिक होता है. ऑनलाइन ख़रीदारी से लेन-देन आसान होता है.

क्रिप्टो करेंसी के लिए कोई रेगुलेटर नहीं है,

इसलिए नोटबंदी या करेंसी के अवमूल्यन जैसी स्थितियों का इस पर कोई असर नहीं पड़ता।

बिटक्वाइन के साथ जुड़े खतरे(Risk of Bitcoin)

वर्चुअल करेंसी(Virtual Currency) में उतार-चढ़ाव बहुत ज्यादा है।

रेगुलेशन न होने से इसमें बहुत ज्यादा उठापटक देखने को मिलती है।

2013 में बिटक्वाइन की कीमत एक दिन में 70% गिर गई थी, इसके अलावा इसके हैक होना का खतरा भी रहता है।

साल 2018 में भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय संस्थाओं को क्रिप्टोकरेंसी में कारोबार नहीं करने के निर्देश जारी किए थे।

लेकिन इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने भारतीय रिज़र्व बैंक के आदेश पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाख़िल की थी।

जिसपर सुनवाई के बाद, मार्च 2020 में भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी में लेन-देन की इजाज़त दे दी थी।

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