Internet kya hai?-इन्टरनेट की दुनिया

Internet kya hai -इन्टरनेट क्या है?- आज मैं इसी विषय पर काफी कुछ बताने जा रहा हूँ। आप सभी ने इन्टरनेट का इस्तेमाल किया ही होगा। यह आज हर इन्सान की जरुरत बनती जा रही है । यहाँ तक की कुछ देशों में इसे मुलबूत मानव अधिकारों में शामिल कर लिया गया है। तो चलिए जानते हैं, इन्टरनेट क्या है।

Internet kya ha

इन्टरनेट क्या है? -Internet kya hai? |Internet ka prichay| Internet kaise kam krta hai

इन्टरनेट दुनिया भर में मौजुद हजारों-लाखों कम्प्यूटर का इंटरकनेक्टेड नेटवर्क है। यह भी कह सकते हैं कि यह दुनिया भर में मौजूद नेटवर्क का जुड़ा हुआ रुप है। जहाँ हर नेटवर्क एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है।

इन्टरनेट को कुछ खास तरह के कायदे-कानून पालना करना पड़ता है जिन्हें प्रोटोकाॅल कहते हैं। ये प्रोटोकाॅल ही इन्टरनेट की जान होते हैं।

दुनिया भर के कम्प्यूटर अलग-अलग तरह के साफ्टवेयर और हार्डवेयर का यूज करते है, इस कारण उनके बीच कम्युनिकेशन की बड़ी कठिनाई सामने आई।

इस कठिनाई से निपटने के लिए विभिन्न तरह के प्राटोकाॅल बनाए गए जिनके माध्यम से सभी कम्प्यूटर को बड़ी आसानी से एक-दूसरे से कम्युनिकेट कर सकते हैं। इस तरह दो-तीन या अधिक कम्प्यूटर के जुड़ने से नेटवर्क बना और बाद में यही नेटवर्क एक-दूसरे से जुड़ते हैं तो इन्टरनेट बनता हैं।

इन्टरनेट का प्रयोग करने के लिए खास तरह के एप्पलिकेशन का प्रयोग किया जाता है जिसे वेबब्राउजर कहते हैं। इसे कम्प्यूटर या मोबाइल में इन्स्टाल करते है और इसके जरिये इन्टरनेट को ब्राउज करते है। जैसे- क्रोम, फायरफोक्स, ओपरा आदि। इस तरीखे के बहुत सारे एप्पलिकेशन उपलब्ध हैं और सभी का काम इन्टरनेट को ब्राउज करने मेें मदद करना है।

इसे को सरकारें नहीं चलाती है यह काम प्राइवेट कम्पनियों द्वारा किया जाता है।

इन्टरनेट का इतिहास-Internet kya hai?|History of Internet in Hindi

1960 के मध्य तक कम्प्यूटर एक-दूसरे से कम्यूनिकेट नहीं कर सकते थे वे सिर्फ स्टैंडअलोन कम्प्यूटर होते थे। तब Advanced Research Projects Agency(ARPA) जो Department of Defence के तहेद-एक अमेरीकी सुरक्षा संस्थान थी, ने कम्प्यूटर किस तरह एक-दूसरे से कम्यूनिकेट करे इस बारे में रुचि दिखाई। ताकि उसके रिसार्चर अपनी खोजो को साझा कर सके और एक ही विषय पर रिसर्च न करे।

1967 में एक मिटिंग के दौरान ने अप्रानेट(ARPANNET) के विचार को प्रस्तुत किया,जो एक छोटे नेटवर्क से सबंधित था जिसमें कम्प्यूटर एक-दूसरे से जुड़े हों । इस विचार के अनुसार हर होस्ट कम्प्यूटर को एक विशेष कम्प्यूटर से जोड़ा जाए। जिसे interface message processor(IMP) कहा गया। इस तरह के विशेष कम्प्यूटर एक-दसरे से जुड़े रहेगें। IMP एक-दूसरे से कम्युनिकेट कर सकेगें, साथ ही उससे जुड़े होस्ट कम्प्यूटरसे भी कम्युनिकेट कर सकेगें।

1969 में यह विचार हकीकत में तब्दील हो गया। University of California, Stanford Research Institute और University of Utah के चार कम्प्यूटरों को IMP के जरीये जोड़ कर एक नेटवर्क तैयार किया गया। जिस साफ्टवेयर द्वारा चारों कम्प्यूटरों को जोड़ा गया उसे Network Control Protocol(NCP) कहा गया। 1972 में ने मिलकर एक प्रोजेक्ट पर काम किया जिसका नाम था। बाद में इन्होंने उन प्राटोकोल्स को पेश किया जिसके द्वारा डाटा को पैकेट के रुप में भेजा जाए। उन्होंने टीसीपी(TCP), Encapsulation औरdatagram आदि के बारें में अपने रिसर्च को पेश किया ।

बाद में टीसीपी(TCP) को दो टीसीपी(TCP) और आईपी(IP) भागों में बांट दिया गया। यह ये दोनों प्राटोकोल्स इन्टरनेट पर कम्यूनेट करने के लिए सबसे अधिक जरुरी प्राटोकोल हैं।

इन्टरनेट के लाभ-Internet kya hai? | Internet ke labh | Internet ka mahatva | Internet ki upyogita

1. इन्टरनेट ज्ञान का भंडार है। जो चाहे यूज कर सकता है। अपनी अपनी पसन्द और जिज्ञासा के अनुसार विषयों को पढ़ सकता है। किसी की विज्ञान में, किसी को कला में, किसी को खेल, किसी को खाने में या फिर किसी भी विषय पर रुची हो वह उस विषय पर इन्टनेट पर सर्च कर सकता है और पढ़ सकता है, उसके बारे में जान सकता है। आम आदमी जिसे भाषा की दिक्कत होती है वह अपनी भाषा में विभिन्न विषयों के बारे में अपनी भाषा में जान सकता है।

2. आॅनलाईन सेवा का इस्तेमाल कर आप अपना बिजली का बिल भर सकते हैं। आप अपने बच्चों की स्कूल की फीस सकते है। इसी प्रकार पानी का बिल, और मोबाइल, डीटीएच को रिचार्ज करा सकते हैं।

3. आप आॅनलाईन विडियोें और गाने सुन कर अपना मनोरंजन कर सकते हैं। आप युट्युब जैसे वेबसाइट पर हजारोें विडियों का मजा उठा सकते हैं।

4. आप अपने कैरियर को आगे बड़ा सकते है। आप आॅनलाईन पढ़ाई कर सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं जो आपको कैरियर बनाने में मदद कर सकते है।

5. आज लेटरर्स की जरुर नहीं पड़ती क्योंकि आज कल ईमेल का जमाना है, सभी तरह का कम्युनिकेशन ईमेल के माध्यम से हो जाता है। व्यक्तिगत इेमेल पूरी तरह से मुक्त है और ज्यादा जल्दी पहुंच जाती है। जो इसकी उपयोगिता को बढ़ा देती है।

6. इससे आप अपने बिजनेस को बढ़ा सकते है। आप अपने प्रोडक्स के बचने के लिए वेबसाइट बना सकते हैं। साथ ही आप इन्टनेट के माध्यम से अपने प्रोडक्स का विज्ञापन कर सकते हैं।

7. आॅनलाईन अपने लिए जाॅब सर्च कर सकते हैं। साथ ही अपने बायोडाटा को अपलोड कर जाॅब के लिए आवेदन दे सकते हैं। आजकल जितनी भी जाॅब निकल रही है उनके लिए लगभग आॅनलाईन आवेदन पूरी तरह से जरुरी बना दिया गया है।

8. आप अपने डाटा को आॅनलाईन अपलोड कर सकते है जिससे डाटा को रखने के लिए अतिरिक्त हार्डडिस्क, पेनड्राइव या सीडी/डीवीडी खरीदने की जरुर नहीं पडती।

9. सोशल नेटवकिंग द्वारा अपने देश-विदेशों के दोस्तों से जुड़ सकते हैं।

10. आप आॅनलाईन डाक्टर से बात कर सकते हैं। अगर आपके शहर में किसी बिमारी के विषेशज्ञ नहीं है जो आप इन्टनेट के माध्यम से उसके विषेशज्ञ से सलाह ले सकते हैं।

इन्टरनेट की हानियाँ- Disavantage of Internet in Hindi

1. इन्टरनेट ज्ञान का भड़ार है मगर यह अश्लीलता का सबसे बड़ा प्रसारक है। आजकल अनेकों एडल्ट वेबसाइट हैं जो इस प्रकार का कार्य करती है। सरकारें इन पर रोक लगती है पर वह फिर किसी दूसरे नाम से इन्टरनेट आ ही जाती हैं।

2. इन्टरनेट में डार्कवेब द्वारा हजारों अनैतिक काम किये जाते हैं। जैसे-Child trafficking, Illegal drug supply, pirated CD/Dvd, किसी को किसी के जान की सुपारी देना, आदि।

3. इन्टरनेट पर ज्यादा वक्त बिताना वह भी किसी मकसद के तब यह वक्त भी बरबादी करना है।

4. इन्टरनेट पर हम आॅनलाईन सेवाओं का लाभ तो लेते है, मगर इसके साथ ही कई तरह के खतरें भी जुड़े हैं। जैसे- आप की पहचान हैक हो सकती है। साथ ही आपके बैंक तथा क्रेडिट कार्ड और डेबिड कार्ड से सम्बंधित पासवर्ड हैक हो सकते हैं।

5. सोशल साईट पर साझा जानकारी का कुछ लोग गलत फायदा उठा सकते हैं।

6. इन्टरनेट मुक्त नहीं होती है इसके लिए आपको अच्छे खासे पैसे खर्च करने पड़ते हैं।

7. ज्यादा समय इन्टरनेट पर देने से हो सकता है कि आपके स्वास्थ्य पर गलत असर पड़े। आपके ज्यादा देर तक बैठे रहने के कारण विभिन्न तरह के रोग हो सकते हैं। साथ आपकी आँखें खराब हो सकती हैं।

आशा है कि इन्टरनेट क्या है( Internet kay hai ) यह आपकी समझ में आया होगा। अगर किसी तरह की कमी रह गई हो तो कमेन्ट के माध्यम से जरुर बतायें। मैं आपके सलाह को सहर्ष स्वीकार करुगाँ।

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