वीपीएन क्या है और क्यों जरुरी है?

आज मैं आपको वीपीएन क्या है(What is VPN?) और कैसे काम करता है यह बताने जा रहा हूँ। आज जैसे-जैसे लागों तक इन्टरनेट की पहुँच बढ़ी है, इन्टरनेट के खतरे भी बढ़े हैं। आज जिस सख्या में इन्टरनेट के यूजर बढ़े हैं, वह आज से चार-पांच साल के पहले सोचा भी नहीं जा सकता था।

लेकिन इसका स्याह(Black)। पक्ष भी सामने आया, लोग जिन्हे इन्टरनेट के बारे ज्यादा पता नहीं था वह किसी-किसी तरह ठगी के शिकार हो गये या किसी अन्य प्रकार की खतरे से दो-चार होना पड़ा। इन सब में वे शामिल थे जिन्हें इन्टरनेट का इस्तेमाल तो पता था मगर इसके खतरों और इनसे निपटने के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं था।

यूं तो इन्टरनेट के खतरों से निपटने के कहीं तरीखे हैं जसै टाॅर, प्राॅक्सि सर्वर, फायरवाॅल और वीपीएन। आज मैं आपको इन सबमें जो सबसे अच्छी युक्ती है यानि वीपीएन, उसके बारे में विस्तार से बताने जा रहा।

सबसे पहले यह सवाल उठता है कि वीपीएन(VPN) है क्या,वीपीएन का फुलफॉर्म वरर्चुवल प्राइवेट नेटवर्क ( Virtual Private Network) होता है इससे आपसी जुड़ी व्यक्तिगत सूचना केवल आप तक ही समित रहती है, और कोई आपको ट्रैक भी नहीं कर सकता है, जो आपके डाटा को चुराने की कोशिश करते है, वह भी कुछ नहीं कर सकता।

यह इन्टरनेट का उपयोग करते समय एक विशेष प्रकार के सुरंग( Tunnel) का इस्तेमाल करता है।यहां सुरंग का मतलब है आपके कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस और एक बाहरी नेटवर्क के बीच एक इन्क्रिप्टेड लिंक है। जिसके द्वारा डाटा को आना-जाना होता है।

जिस तरह असल जिन्दगी में सुरंग से कौन आ जा रहा है इसका पता नहीं चलता, उसी प्रकार उस सुरंग से क्या आ-जा रहा है इसका पता इन्टरनेट सर्विस प्रोवाईडर को भी पता नहीं चलता, इसके अलावा यह दिखाता है कि आप जिस जगह से आॅनलाईन जुड़े हैं वह कोई दूसरी जगह है, वह असली जगह न दिखा कर किसी दूसरी जगह को आपका लोकेशन बताता है ।

इसे वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क इसलिए कहते हैं क्योंकि यह एक तरह का वर्चुअल कनेक्शन बनता है जो केवल आपके और वेबसाइटों बीच संपर्क बनता है या यह कहे कि कनेक्शन पूरी तरह प्राइवेट होता है और यह विशेष प्रकार को नेटवर्क का इस्तेमाल करता है जो वीपीएन सर्वरों से बना होता है।

इसका सबसे महत्वपूर्ण उपयोग यह है कि हम उन वेबसाइटों को भी एक्सेस कर सकते है जिन्हें सरकार ने बैन कर दिया हो। अगर हम उन बेवसाइटों कों बिना वीपीएन के एक्सेस करते तो हमारी पहचान जाहिर हो जाती मगर वीपीएन हमारी पहचान जाहिर नहीं हाने देता।इसके अलावा पब्लिक वाईपाई को इस्तेमाल करते हुए भी वीपीएन हमारी व्यक्तिगत सूचना को लीक नहीं होने देता है।

आज कल वीपीएन का इस्तेमाल कम्प्यूटर, मोबाइल के अलावा स्मार्ट टीवी और राॅउटर में भी हो रहा है।

ओपेरा ऐसा वेबब्राउजर है जिसमें इनबिल्ड वीपीएन है।

नीचे दिये गए वीपीएन सबसे अधिक भरोसेमन्द हैं।

ExpressVPN

NordVPN

Surfshark

CyberGhost

IPVanish.

वीपीएन कैसे काम करता है?(How VPN works?)

आपने यह तो जान लिया कि वीपीएन क्या है, मगर यह कैसे काम करता है यह भी जानने चाहेगें,यह मैं आगे बता रहा हूँ।

जब भी यूजर किसी प्रकार का रिक्वेट अपने कम्प्यूटर या मोबाईल से भेजता है तो कम्प्यूटर या मोबाईल में इन्सटाल वीपीएन उसे इन्क्रिप्ट करता है और एक सुरंग से उस रिक्वेट को वीपीएन सर्वर तक ले जाता है जहां यूजर के रिक्वेट को डिक्रिप्ट किया जाता और इन्टरनेट पर भेजा जाता है। इन्टरनेट से जब आपके रिक्वेट का रिप्लाई आता है तो वीपीएन सर्वर उसे इन्क्रिप्ट करता है और सुरंग(Tunnel) द्वारा उसे यूजर के कम्प्यूटर या मोबाईल पर भेजता है जहां आपके द्वारा इ्रन्सटाल वीपीएन उसे डिक्रिप्ट करता है और यूजर पढ़ पाता है।

वीपीएन कैसे काम करता है?(How VPN works?)

ऊपर के चित्र में बताया गया है कि वीपीएन कैसे काम करता है। हरा तीर इन्क्रिप्टेड और लाल तीर डिक्रिप्टेड डाटा दिखा रहे हैं।

वीपीएन के प्रकार(Types of VPN)

मुख्य रुप से वीपीएन दो तरह के होते हैं।

1.रिमोट एक्सेस वीपीएन– यह सबसे ज्यादा पपुलर वीपीएन है जो युजर को दूसरे देश के रिमोट सर्वर से कनेक्ट करते हैं।

2.साइट-टू-साइट वीपीएन– इस वीपीएन टाइप में विभिन्न देशों में मौजूद कंपनी के आॅफिस को कनेक्ट कर एक सुरक्षित नेटवर्क बनाया जाता है।

वीपीएन के फायदे(Benefits of VPN)

1.यह आपकी आॅनलाइन आइडेंटिटी को छुपाता है।यह आपकी आॅनलाइन आईडेनटीटी को छुपाता है।

2.जियो-रेस्ट्रिक्शन को बाईपास कर सकता है इसका मतलब यह है कि अगर कोई खास वेबसाइट आपके देश में बैन है तो आप इसे दूसरे देश में वेबसाइट खोल कर देख सकते हैं जंहा वह बैन नहीं है।

3.वीपीएन आपके कनेक्शन को सुरक्षित बनता है आप इसके जरीये किसी भी फाइनेनसियल सर्विस का उपयोग सुरक्षित तरीखे से कर सकते है।

4.यह फायरवाॅल को बाईपास कर सकता है कुछ जगहो पर फायरवाॅल द्वारा कुछ वेबसाइटों पर जाने की रोक लगी होती है लेकिन आप वीपीएन का इस्तेमाल कर उस वेबसाइट को खोल सकते हैं।

5.आप सुरक्षित तरीखे से टोरेन्ट का इस्तेमाल का डाउनलोड कर सकते है,टोरेन्ट डाउनलोडिंग हमारे देश में गैरकानूरी है।

वीपीएन के नुकसान(Drawback of VPN)

1.वीपीएन आपके आॅनलाइन स्पीड को स्लो कर सकता है।

2.वीपीएन आपके प्राइवेसी के लिए खतरा हो सकता है यदि आप अच्छी क्वालिटी का वीपीएन इस्तेमाल नहीं करते।

3.अच्छी क्वालिटी वाला वीपीएन महंगा होता है।

क्या वीपीएन पूरी तरह से सुरक्षित है?(Is VPN Perfect)

आप जानना चाहते होगें कि क्या वीपीएन पूरी तरह सुरक्षित है। मेरा जवाब है नहीं। आप जिस वीपीएन सर्वर का इस्तेमाल करते हैं उसके पास यह रिकार्ड होता है कि आपने किन वेबसाइटों को एक्सेस किया, आप आॅनलाइन क्या कर थे, अगर देश की सरकार को लगता है कि आप देश के लिए खतरा है तो वह उस रिकार्ड को वीपीएन प्रोवाइडर से मांग सकती है।

वीपीएन कानूनी है?(Is VPN is legal)

आप यह भी जानना चाहते होगें कि क्या वीपीएन कानूनी रुप से मान्य है ।जहां तक भारत की बात है तो यह पूरी तरह से कानूनी है। लेकिन कुछ देशों में यह गैरकानूनी है। चीन में वीपीएन प्रोवाडर को लाइसेन्स लेना पड़ता है तभी जाकर का लोग उस वीपीएन का इस्तेमाल कर सकते है। नार्थ कोरिया, क्यूबा, बहरीन,तुर्कमेनिस्तान आदि में यह गैरकानूनी है।

आशा है कि वीपीएन क्या है का जवाब आपको मिल गया हो गया और साथ ही यह कैसे काम करता है यह भी जान गये होगें। मुझे पूरी उम्मीद है कि आप वीपीएन के बारे में जान गए हैं तो आप इसका इस्तेमाल भी करगें।

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