SSL क्या है और क्यों जरुरी है?

आज मैं आपको SSL क्या है(What is SSL in hindi) बताने जा रहा हूँ। आपने जब भी इन्टरनेट का इस्तेमाल किया होगा तो वेबसाइटों के यूआरएल(URl) में http या https देखा होगा। खासकर उन वेबसाइटों में जहाँ आपको अपने बारे में कोई जानकारी के लिए फाॅर्म भरना पड़ता है तो आप देखते होगे कि उसे यूआरएल(URL) में https लगा है।

आज कल लगभग हर कोई जो इन्टनेट से परिचित है वह किसी-न-किसी वेबसाइट का इस्तेमाल करता है चाहे वह विडियो देखता हो या इमेल सेवा का इस्तेमाल करता हो या किसी बिल का पेमेन्ट करने के लिए आॅनलाइन बैकिंग सर्विस का इस्तेमाल करता हो या और किसी अन्य प्रकार से इन्टरनेट का इस्तेमाल करता हो।

इस प्रकार के वेबसाइटों में हमें आपना अकाउंट बनाना पड़ता है जिसके लिए हमें वेबसाइट के साथ अपनी व्यक्तिगत सूचना को शेयर करना पड़ता है या आॅनलाइन बैकिंग सेवा का प्रयोग करते समय हमें अपना यूजरनेम और पासवर्ड साझा करना पड़ता है लेकिन इस तरह की सूचना को आॅनलाइन देना खतरे से खाली नहीं है, हो सकता है कि हैकर आपकी जानकारी को चुरा लें। तब काम आता है https।

https दिखाता है कि आप जिस वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहे है वह सुरक्षित और इन्क्रिप्टेड है। यह तभी दिखाई देता है जबकि वेबसाइट SSL Certificate द्वारा सुरक्षित किया गया हो। SSL का पुलफाॅर्म Secure Sockets Layer होता है।

SSL क्या है और क्यों जरुरी है?

SSL का इतिहास

SSLको क्रियेट Netscape Communications ने किया था । जो उनके अपने वेबब्राउजर Netscape Navigator के लिए था।1 994 में एक प्रमुख वेबब्राउजर था।

SSL कैसे काम करता है?(How SSL works in hindi)

आपने यह तो जान लिया है कि क्या है अब जाने कैसे काम करता है।

आप चाहेगे कि आप जिन्ह वेबसाइटों को अपनी निजी सूचना दे रहे हैं वह उन्हे सुरक्षित रखे और उसी प्रकार सेवा प्रदाता वेबसाइट चाहेगा कि वह अपने ग्राहक के निजी डाटा को सुरक्षित रखे। इसलिए वह अपने वेबसाइट के लिए SSL Certificate खरीदता है।

जब कभी भी आप अपनी निजी सूचना किसी वेबसाइट पर डालते है, तो यह संभव है कि कोई हैकर उसे बीच रास्ते में ही हैक कर ले। यह सूचना आपके बैंक से संबधित हो सकती है या आपके इमेल की जानकारी जब आप किसी वेबसाइट में सबक्रिपसन(Subscription) लेते हैं। यह अनसीकीयोर(Insecure) वेबसाइटों पर होता है।

हैकर करता यह है वह ऐसा साॅफ्टवेयर प्रोग्राम वह सर्वर या वेबसर्वर पर इन्स्टाल कर देता है जो यूजर क्या टाइप कर रहा है वह उसे कैपचर कर लेता है और वह डाटा हैकर को भेज देता है। लेकिन अगर बेवसाइट SSl Certified है तो यह सुनिश्चित है इन्क्रिप्टेड कन्केशन वेबब्राउजर और उस वेबसाइट के सर्वर के बीच है जो दूसरा और कोई नहीं देख सकता है। इस प्रकार आपका निजी डाटा पूरी तरह सुरक्षित तरीखे से वेबसाइट के सर्वर पर पहुँच जाता है ।

अगर टेकनिकल भाषा में कहें तो वेबब्राउजर और वेबसर्वर के पास दो इन्क्रिप्टेड Keys होते जिन्हें आप पासवर्ड भी समझ सकते हैं एक को पब्लिक Keyऔर दूसरे को प्राइवेट Key कहते है ।

जब भी वेबब्राउजर वेबसर्वर को कोई रिकवेस्ट भेजता है तो वेबब्राउजर अपनापब्लिक Key या पासवर्ड वेबसर्वर को भेजता है बदले में वेबसर्वर अपना पब्लिक Key या पासवर्ड वेबब्राउजर को भेजता है ।

इसके बाद वेबब्राउजर को जो भी डाटा भेजना होता है वह वेबसर्वर के पब्लिक Key या पासवर्ड से इन्क्रिप्ट का वेबसर्वर को भेजता है जहाँ वेबसर्वर अपने प्राइवेट Key या पासवर्ड की मदद से उस डिक्रिप्ट करता है। इसी प्रकार जब वेबसर्वर वेबब्राउजर को डाटा भेजता है तो वह उसे वेबब्राउजर के पब्लिक Key की या पासवर्ड से उसे इन्क्रिप्ट करता है वह डाटा वेबब्राउजर के यहां पहुँचने पर वेबब्राउजर अपने प्राइवेट Key या पासवर्ड की मदद से उसे डिक्रिप्ट करता है इस तरह डाटा सुरक्षित रहता है।

जो भी SSl Certified वेबसाइट होती है उसके यूआर(URL) में https होता है और ताले का निशान बना होता है।

SSL के प्रकार (Types of SSl)

1.Single Domain SSL Certificates

संगल डोमेनSSL Certificates केवल एक डोमेन के लिए होता है इसको किसी और डोमेन या सबडोमेन के लिए प्रयोग नहीें कर सकते।

2.Wildcard SSL Certificates

इस तरह SSL Certificatesसिंगल डोमेन और इससे जुड़े डोमेन के होता है। यह किसी भी बड़े कम्पनी और उससे जुडे़ शाखा के लिए हो सकता है।

3.Multi-Domain SSL Certificates

यह कोई भी डोमेन यूज कर सकता है वह सबडोमेन हो या न हो।

4.Domain Validation SSL Certificates

यह सबसे सस्ता है इसे पाने लिए आपको सिर्फ यह साबित करना पड़ता है कि डामेन आपका है । अधिकतर ब्लाॅगर इसका इस्तेमाल करते हैं।

5.Organization Validation SSL Certificates

इसमें ऑर्गनाइजेशन का नाम और पता होता है जिससे यूजर्स के लिए ज्यादा भरोसेमंद होते हैं।

6.Extended Validation SSL Certificates

यह बडे़ वित्तीय संस्थानों के लिए होता है यदि कोई साइट या एप्लिकेशन पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड नंबर, या नाम और पते को संभालती है।

आशा है कि आपने SSL क्या है इसको अच्छी तरह से समझा होगा। मुझे पूरी उम्मीद है अगली बार जब आप किसी वेबसाइट पर जाएगें तो आप यह जरुर देखेगे कि वेबसाइट सुरक्षित है या नहीं ।

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